भारतीय नेताओंकी मनोवृत्ती

भारतीय नेताओंकी मनोवृत्ती

1) यदि मैं पाकिस्तानका समर्थन करु तो मुझे क्या मिलेंगा? अगर अंग्रेज भारत को आजादी देते हैं, और उस आजादीमें अछूतोंकों अधिकार देते है, तो ऐसी आजादी मुझे ना नही चाहिए। (मोहनलाल गांधी) 2) अनुसूचित जाती जनजातियोंको दिया जानेवाला हिस्सा रद्द करते है, तो ही मै पाकिस्तानको मान्यता दुंगा। (मोहनलाल गांधी) 3) मै आपकी सारी मांगे मंजुर करने के लिये तयार हू। मगर मेरी एक शर्त है, अगर आप डॉ. आंबेडकरका विरोध करे तो मै आपकी सभी मांगो का समर्थन करने के लिए तयार हू। (मोहनलाल गांधी, 4) सरदार, 1909 को मुसलमानों को प्रथक निर्वाचन क्षेत्र मिला है। अगर अछूतोकों भी प्रथक निर्वाचन क्षेत्र मिलता है, तो अछूत और मुसलमान गुंडे मिलकर सवर्ण हिंदूओंकी हत्या कर सकते है। सायमन कमिशन पर भारतीय प्रतिनिधी नहीं लिया गया। इस वजह से मै इस कमिशन का विरोध कर रहा हू। (मोहनलाल गांधी) 5) मै, मै, और केवल मै ही अछूतोंका सच्चा प्रतिनिधी हू। (मोहनलाल गांधी) 6) यह लोग हरिजन कहने से ही खुश हो जाते है, तो उनके लिये कुछ करने की क्या जरुरत है। (अग्नीभोज खेर गांधी चर्चा) 7) मेरे दोस्तो, बुरा मत सोचो, बुरा मत देखो, बुरा मत कहो। (मोहनलाल गांधी) 8)अ) करेंगे या मरेंगे ब) भारत छोडो (मोहनलाल गांधी) 9) स्वराज्य यह मेरा जन्मसिध्द अधिकार है, और मै उसे लेकर ही रहुंगा। (लो. टिलक) 10) तेली, तंबोली, कुनभटोंको संसद और विधीमंडल में जाकर क्या हल चलाना है। (लो. टिलक) 11) क्या अब पेशवाई आने वाली है। (टिलक) 12) आरक्षण के कारण प्रशासनकी कार्यक्षमता कम होगी, और राष्ट्र दुय्यम स्तरका बनेंगा (नेहरु) क्या ब्राह्मणोंको भीख मांगने को लगाना है? (नेहरु) अनपढ लोगों को वोट का अधिकार मिलनेसें लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा हो जाएगा। (नेहरु) शिक्षीत और करदाता लोगोंको ही मतदानका अधिकार होना चाहिए। (आर.एस.एस. और नेहरु) 13) हमने आजादी की लडाई क्या रेवडीया बाटने के लिये लडी है? (डॉ. राजेंद्रप्रसाद) 14) नेहरुजी यह आपका मृत्यूघंटा है (छशर्हीी ळीं’ी र्ूेीी वशरींह ुरीीरपीं) (डॉ. राजेंद्रप्रसाद) 15) मैने केवल दरवाजे ही नहीं, तो खिडकीया भी बंद कर डाली है। (सरदार वल्लभभाई पटेल) 16) आप यह ओबीसी कहा से लाये भाई? (सरदार वल्लभभाई पटेल) 17) संविधान अप्रासंगिक हो गया है, हमारी पुर्ति करने लायक नहीं रहा है। इसलिए इसे बदल देना चाहिए। 18) भारतीय संविधान यह कचरा पेटी में फेंकने लायक है। (के.सी. सुदर्शन) 19) मंदिर वही बनायेंगे मगर तारिख नहीं बतायेंगे (भाजप, विश्‍व हिंदू परिषद, शिवसेना) 20) गर्व से कहो हम हिंदू है। हिंदू हिंदूत्व और हिंदू राष्ट्र यहि हमारा राष्ट्रीयत्व एवं धर्म है। (भाजप, विश्‍व हिंदू परिषद, शिवसेना) 21) इस देश मै काँग्रेसको विकल्प नहीं है। (बाळासाहेब देवरस) 22) हिन्दूत्व और लोकतंत्र एक साथ नही चल सकते। (गुरुजी गोळवलकर) 23) जिस प्रदेशका राजा शुद्र होता है, उस प्रदेश में ब्राह्मणोंने नहीं रहना चाहिए। और कृषीकाम ब्राह्मणोंके लिये महापाप है। (मनुस्मृती) 24) जिन लोगोेें के हाथ मै आप सत्ता सौप रहे है, वे लुटारु और बदमाश है। (विन्स्टन चर्चिल) 25) भारतिय प्रजाकों विश्‍व का ज्ञान होना चाहिए। (अंग्रेज शासक) 26) अब यह कालेलकर आयोग पुराना हो गया है; अब हम ऐसा करेंगे एक नया कमिशन बिठायेंगे। (मोरारजी देसाई) 27) किसी भी पक्ष में मै गया तो मुझे जुतोंसे मारो। (शरद जोशी) 28) बिकाऊ समाज को मैं खरिदनेवाला समाज बनाना चाहता हूं। (कान्शीराम) 29)खीं’ी रश्रश्र ीळसहीं ची. झरींशश्र (मै आपकीही बात संविधान में डाल देता हूं। (डॉ. आंबेडकर) 30) मोहनदास गांधी यह भारत का सबसे बडा हिंसक इन्सान है। (अंगे्रज इतिहासकार) 31) जो समस्याये पैदा करते है, वे समस्यायोंका समाधान नहीं कर सकते। (वामन मेश्राम) काँग्रेस यह जलता घर है, इस घरमें कभी ना रहना। (डॉ. आंबेडकर) 32) गांधीजीने सरदार पटेल के साथ बहोत बडा धोका किया। (गांधी के पुत्र राजमोहन गांधी) 33) अगर सरदार मुझे नहीं मिले होते, तो संभवत मै स्वतंत्रता संग्राम में सफल न होता। (म.गांधी) 34) यह आजादी झुटी है, देश की जनता भुखी है। (अन्नाभाऊ साठे) 35) मी जर मंत्री असतो तर, नेहरुला जेलमध्ये सडविले असते. (डॉ. आंबेडकर) 36) गांधी के आजादीके आंदोलन सें, डेमोक्रेसी नहीं बल्की ब्राह्मणोंक्रेसी आयेगी। (पेरियार) 37) काँग्रेस हे भटपंड्याचे संघटन आहे. ( शाहू महाराज) 38) शत्रूचे घर मोठं करण्यात कोणताही शहाणपना नाही, आम्ही आमचे संघटन मोठं करु परंतु काँग्रेसमध्ये सामील होणार नाही. (शाहू महाराज) 39) देश नष्ट होवो अथवा राहो, ब्राह्मणवाद जीवनशैली ही अबाधित स्वरुपात चालत राहील. (स्वामी तर्क तीर्थ) 40) संविधान पर अंमल कौन करनेवाला है। (मोहनदास गांधी) 41) वैष्णव जणतो तेने कहिये, जो पिर पराई जाने रे। (मोहनदास गांधी) 42) सोनियाजी यदि प्रधानमंत्री बनी, तो मैं मुंडन करा लुंगी। (सुषमा स्वराज) 43) सती की प्रथा यह परंपरा के अनुसार उचित ही है। (विजयाराजे शिंदे) 44) यह मेरी बकरीको खिलावो, और दूध तो मैं लेता ही नहीं।

G H Rathod

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